Gallbladder stone /गॉलब्लैडर स्टोन निकालें कैसे?सिर्फ एल्कलाइन फूड से।।

दोस्तों आज के समय में गाल ब्लैडर स्टोन एक आम समस्या बनती जा रही है। और लोग जाने अनजाने में अपना गाल ब्लैडर रिमूव करा देते है ।

हमें जब भी पेट के दाएं हिस्से में लीवर के आसपास जहां पर मेरी पसलियां खत्म होती हैं वहां पर जब दर्द महसूस होता है तो हमें आभास होता है कि शायद मुझे पथरी हो गई है और जब हम अल्ट्रासाउंड कराते हैं तो मुझे पता चलता है कि हमें पित्त की पथरी हो गई है। और हम बहुत ज्यादा घबरा जाते हैं।

क्योंकि जो लोग हमारा अल्ट्रासाउंड कर रहे होते हैं वह लोग एलोपैथ से संबंधित होते हैं वह लोग सिर्फ इतना ही जानते हैं कि अब इसका ऑपरेशन करना पड़ेगा। और फिर हम किसी सर्जन को ढूंढ कर अपना गाल ब्लैडर निकलवा कर अपनी बाकी बची पूरी जिंदगी बर्बाद और परेशानियों से भर लेते हैं।

  

Gallbladder operation

दोस्तों ऐसा ही कुछ मेरे साथ हुआ, मुझे आज के 1 साल पहले पेट के दाएं हिस्से में रात में दर्द हुआ सुबह हमने डॉक्टर को दिखाया डॉक्टर ने मुझे अल्ट्रासाउंड करने का सुझाव दिया। तुरंत ही हमने अल्ट्रासाउंड कराया क्योंकि रात में मुझे दर्द काफी तेज हो गया था। कुछ ही देर में मेरा अल्ट्रासाउंड हो गया और रिपोर्ट आ गई।।

  मुझे गाल ब्लैडर में 11 एमएम की पथरी थी। सुनकर हम सभी परेशान हो गए क्योंकि मेरी फैमिली में मेरे भाई को मेरी बहन को और मेरी मां को गॉलब्लैडर में पथरी हो चुकी थी, और उन्होंने उसका ऑपरेशन करा लिया था।

अब मेरा पूरा परिवार मेरे ऑपरेशन की तैयारी करने लगा।।।।

Depression

लेकिन मैं खामोश कुछ रास्ता ढूंढता रहता।।

Research gallblade Store

     दोस्तों मैं जानता हूं और आप भी जान लो की एलोपैथिक के पहले नेचुरोपैथी होम्योपैथी और हमारा आयुर्वेद जो कि मानव सभ्यता के साथ ही प्रकाश में आया था वह आज भी इतना कारगर है कि जिन बीमारियों में हमारी एलोपैथी के पास कोई इलाज नहीं है,वहां भी यह अपना असर दिखाते हैं।।

दोस्तों हमारा ट्रीटमेंट हमने खुद किया और आज 6 महीने बाद मैं एकदम स्वस्थ हूं और तमाम मेरे वह दोस्त जो डॉक्टर थे या कहीं मेडिकल लाइन से जुड़े थे वह सब बहुत परेशान है लेकिन मैं आज स्वस्थ हूं और अपना अनुभव आपसे साझा कर रहा हूं। दोस्तों इस गॉलब्लैडर स्टोन की वजह से ही हम काफी दिनों से आपसे नहीं जुड़ पाए।

अल्कलाइन वॉटर बनाना सीखे।।

Homemade 100% alkaline water

1 लीटर साफ पानी किसी कांच के या प्लास्टिक के बर्तन में ले लें। उसके बाद उसमें कुछ पुदीना की पत्तियां, चार-पांच खीरे की स्लाइस, आधा कटा हुआ नींबू स्लाइस किया हुआ। और इसके अलावा अगर आपके पास गाजर चुकंदर या  सलाद में खाने वाली कोई भी चीज आवला मिल जाता है तो बहुत ही अच्छा है। यह सारी चीज उसमें डालकर आप इस पानी को सात से आठ घंटे के लिए छोड़ दें उसके बाद यह आपका नेचुरल अल्कलाइन वॉटर बन जाएगा। दोस्तों आज के समय में जो कंपनियां अल्कलाइन वॉटर बेच रही है वह इसे बहुत ही महंगा बेच रही है यहां तक की इसकी रेट ₹2000 लीटर तक है लेकिन हमने आपको जो विधि बताई है यह एकदम नेचुरल और हमारे पुराने वेदों के हिसाब से है इस पानी का लगातार सेवन करने से हमारा पूरा शरीर डिटॉक्स होता है और शरीर से सारे अवांछित तत्व स्वतः ही निकल जाते हैं।। यह पित्त पथरी को निकलने का अद्भुत एवं चमत्कारी उपाय है।।

अल्कलाइन फूड और विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ

Acetic acid & vitamin c rich food

Lemon tea/नींबू की चाय

दोस्तों नींबू की चाय हमारे बॉडी को डिटॉक्स करने में बहुत मदद करती है हमारे लीवर की सारी गंदगी को बाहर निकालती है। बस आप इतना ध्यान रखें कि आप इसमें चीनी या शक्कर ना डालें। लेमन टी आप ग्रीन टी या साधारण चाय की पत्ती से बना सकते हैं, उसमें आप कई और चीज डाल सकते हैं।

Special lemon tea

Apple vinegar/ सेब का सिरका

ज्यादा से ज्यादा कच्चे फल खाने की कोशिश करें।

सेब का सिरका गजब के स्वास्थ्य लाभों के लिए जाना जाता है. ये न सिर्फ ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने बल्कि एलडीएल या ‘खराब’ कोलेस्ट्रॉल को कम करने, एंटी-बैक्टीरियल गुणों, वजन घटाने में सहायता और पाचन में सुधार करने की क्षमता के लिए जाना जाता है.

पाचन सुधार की बात करें तो इसका सीधा मतलब होता है हमारे लीवर से अगर हमारा लीवर पूरी तरह साफ है तो हमारे गाल ब्लैडर में पथरी बन ही नहीं सकती इसके अलावा एप्पल विनेगर में कुछ ऐसे केमिकल पाए जाते हैं जो पथरी को गलाने की क्षमता रखते हैं।

तो इसके लिए हमें एक गिलास पानी में चार चम्मच एप्पल विनेगर मिलाकर पीने से पित्त की पथरी दो-तीन महीने में शर्तिया निकल जाती है।

Apple vinegar

गाजर चुकंदर और खीरा का रस

गाजर चुकंदर और खीरे को बराबर बराबर मात्रा में मिक्सी में पीसकर या जूसर से जूस निकालकर दिन में दो-तीन बार पिए।।

गाजर चुकंदर खीर और नींबू का मिक्स जूस

दोस्तों यह जूस  हमारे बॉडी के हर एक अंग को विषाक्त पदार्थ से निजात दिलाता है, यह लीवर की भरपूर सफाई करता है और फाइबर से भरपूर होने के कारण यह अपने साथ में जो हमारे स्टोन का वेस्टेज होता है जिसको हम नींबू की चाय और सेब का सिरका लेकर के तोड़ते हैं, तो पत्थर के छोटे छोटे टुकड़े हो जाते हैं, जिसको निकालने में यह जूस बड़ा कारगर है।

Avoid! परहेज

     दोस्तों यह जरूर  आप समझ ले हमारा शरीर भी एक मशीन है, जैसे हमारे व्हीकल हैं हर व्हीकल का अपना एक फ्यूल होता है अपनी अपनी रिक्वायरमेंट होती है ।

Human body food requirement

इस तरह हमारी यह ह्यूमन बॉडी भी है जिसे थोड़ा हमें समझने की जरूरत है।

         पथरी क्यों बनती है? हम इसको समझते हैं । ज्यादातर पथरिया आपने सुना होगा की कैल्शियम से बनती है लेकिन यह सच्चाई नहीं है।

अभी हाल के तमाम रिसर्च से यह सच्चाई सामने आई है, कि कार्बोहाइड्रेट और कोलेस्ट्रोल मिल कर के गाल ब्लैडर की पथरी का निर्माण करते हैं जो कि पहले लिवर में इकट्ठा होती है और फिर धीरे-धीरे यह लिवर से हमारे पित्त की थैली में इकट्ठा होने लगती है, और धीरे-धीरे यह सख्त होकर पत्थर का रूप ले लेती है।

इससे हमें यह समझ में आता है कि हमें चीनी शक्कर और मीठा लगभग एकदम अवॉइड करना है, जब तक हमारी पथरी पूरी तरह निकल नहीं जाती है।

     मुझे लगता है,ऑपरेशन करा कर गाल ब्लैडर निकलवाने से अच्छा है कि कुछ दिन के लिए परहेज कर लिया जाए और जबान पर अपनी कंट्रोल किया जाए।।

आप कुछ दिन तक दूध दही मक्खन घी तेल रिफाइंड या कोई भी तेल से संबंधित कोई भी चीज ना लें। दोस्तों कुछ दिन के लिए रोटी और चावल कम से कम खाने की कोशिश करें। क्योंकि इन दोनों चीजों में कार्बोहाइड्रेट अधिक मात्रा में होता है, आप लोगों को विटामिन सी वाले छारीय भोजन को प्राथमिकता देनी है।

          दोस्तों आप विश्वास करें तीन से चार महीने में आपकी पथरी गल कर  निकल जाएगी। और आप पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएंगे और फिर से कुछ भी अपने मन का खा पी सकेंगे।।

       और दोस्तों यहां पर मैं आपको एक होम्योपैथिक दवा की भी सलाह दूंगा यह दावा भी बहुत ही  फायदेमंद है।

दिन में तीन बार दो-दो टैबलेट

धन्यवाद दोस्तों आपको हमारी यह पोस्ट कैसी लगी कमेंट में जरूर बताइएगा।।

अमरूद की पत्ती के चमत्कारी उपयोग। Amrud ki patti ke chamatkari fayde

Guava leaf

दोस्तों अपने अमरूद तो बहुत खाए होंगे परंतु कभी आपने इसकी पत्तियों के बारे में नहीं सोचा होगा। दोस्तों आज हम बताने जा रहे हैं की अमरूद की पत्ती एक औषधि है जो तमाम बीमारियों में काम आती है।

Tea

आप अमरूद की पट्टी की चाय बनाकर पिए अमरूद के पेड़ की ऊपर वाली नाजुक पत्तियों को दो या तीन पत्तियां लेकर एक गिलास पानी में उबले। उसमें स्वाद के लिए और औषधि गुण बढ़ाने के लिए आप दालचीनी लॉन्ग काली मिर्च काला नमक भी मिल सकते हैं।।अमरूद की पत्ती की अगर बात करें तो। तो इसमें मिनरल्स विटामिंस का खजाना है इसमें प्लेटलेट्स बढ़ाने की चमत्कारी शक्ति है। यह एक बड़ा इम्यूनिटी बूस्टर है।

सर्दी आ गई घर में बूढ़ों को बच्चों को सबको जुखाम खांसी याद की बुखार की और दिल्ली में डेंगू भी चल रहा है इन इन सारी वायरल बीमारियों से सिर्फ दो पत्तियां अमरूद की आपको बचा सकती है आपको किसी भी एंटीबायोटिक की आवश्यकता नहीं है किसी प्रकार की एलोपैथिक टेबलेट लेने की जरूरत नहीं सिर्फ दो पत्तियां ऊपर की कोमल आप सुबह खा लीजिए बहुत अच्छा है नहीं खाते हैं तो उसकी चाय बना लीजिए वह और अच्छी है।।

धन्यवाद मेरा लेख आपको कैसा लगा कमेंट में बताइएगा।

मधुमेह/डायबिटीज की पहचान।बचाओ और उपचार Symptom of diabetes

पसीना बहाओ डायबिटीज भगाओ

कई लोगों को डायबिटीज का पता चलने के पहले थकान नींद आना नजर में कमजोरी फंगल इन्फेक्शन और छोड़ो जैसे लक्षण दिखाई पड़ सकते हैं ऐसे में व्यक्ति को शरीर में होने वाले सभी बदलावों पर ध्यान देना चाहिए और संभव सावधानियां एवं इलाज करना चाहिए।

डायबिटीज खून में अतिरिक्त शुगर की मात्रा से संबंधित बीमारी है इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है क्योंकि यह धीरे-धीरे सभी महत्वपूर्ण अंगों को खराब कर देती है इसमें मुख्य रूप से हार्ट ब्रायन किडनी लिवर आंख शामिल है साथ ही यह शरीर के सारे फंक्शन को प्रभावित करती है।

सुबह-सुबह दिखने वाले प्रमुख लक्षण डायबिटीज के कुछ लक्षण सुबह-सुबह साफ दिखाई देते हैं जिनमें से प्रमुख है शरीर में खुजली होना थकान कमजोरी भूख न लगना ज्यादा प्यास लगना आदि आगे चलकर वजन कम होना प्राइवेट पार्ट में खुजली होना धवन का जल्दी ठीक ना होना है।

डायबिटीज या मधुमेह की प्रमुख लक्षण

हाथ पैर में झुनझुनी, थकावट कमजोरी, अत्यधिक भूख लगा ,अचानक वजन कम हो जाना ,घाव का धीरे-धीरे भरना, शुष्क त्वचा ,अधिक पेशाब आना ,संक्रमण बालों का झड़ना ,टैप टू डायबिटीज के लक्षण हैं। वही टाइप वन डायबिटीज में लोगों को जी मिचलाना ,पेट में दर्द ,उल्टी जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं।

इस तरह के लक्षण शरीर में दिखाई देने पर तुरंत किसी पैथोलॉजी में जाकर अपना ब्लड टेस्ट कराएं।

डायबिटीज से बचाव

अगर शुगर लेवल को स्टेबल रखना चाहते हैं तो चीनी का सेवन कम करें सोडा फलों का जूस मिठाइयां व अन्य शर्करा युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कम से कम करें।

नियमित व्यायाम करें यह सबसे जरूरी देखा गया है की मेहनत करने वालों को डायबिटीज की बीमारी नहीं होती। इसलिए प्रतिदिन कम से कम तीन-चार किलोमीटर पैदल चली और पसीना निकल यह सबसे जरूरी है कि हमारे शरीर से मेहनत करके पसीना निकल जाए क्योंकि पसीने के साथ बहुत सारे टॉक्सिन बॉडी से बाहर जाते हैं तो आप यह तय मान लें कि अगर आप मेहनत करते हैं तो आपको किसी भी दवा की जरूरत नहीं है आपका डायबिटीज खुद व खुद ठीक हो जाएगा जिसको की लोग एक ला इलाज बीमारी मानते हैं और कहते हैं कि कभी जिंदगी में ठीक नहीं होता लेकिन हमारा यह दावा है कि अगर आप मेहनत करके पसीना निकलते हैं तो आपका डायबिटीज ठीक हो जाएगा।

वर्कआउट

उपचार

डायबिटीज के उपचार में प्रमुख है आपकी जीवन शैली । सूरज उगाने के पहले उठ जाएं कम से कम 4 किलोमीटर पैदल चले।

दालचीनी का पाउडर

दालचीनी का इस्तेमाल आप शुगर के बचाव में और इलाज में कर सकते हैं यह इंसुलिन के लिए संवेदनशीलता बढ़ती है आप इसका खाने में नियमित सेवन करके अपने डायबिटीज को कंट्रोल कर सकते हैं।

जामुन डायबिटीज के लिए जामुन किसी औषधि से काम नहीं है जामुन के बीच का इस्तेमाल करके आप डायबिटीज को कंट्रोल कर सकते हैं इसके लिए आपको जामुन के बीजों को अच्छी तरह सुखाकर उन्हें पीसकर उन्हें गुनगुने पानी के साथ लेने से डायबिटीज कंट्रोल होता है।

तुलसी की पत्ती हम सभी जानते हैं कि तुलसी हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक है तुलसी में एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो हमारे लिए काफी फायदेमंद होते हैं इसके अलावा ऐसे भी तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर के बीटा सेल्स को इंसुलिन के प्रति सक्रिय बनाते हैं यह सेल्स इंसुलिन को बढ़ाने का काम करती है आप रोजाना सुबह खाली पेट दो से तीन तुलसी की पट्टी चलाएं इससे आपको चमत्कारिक लाभ मिलेगा।

डाइट चार्ट

मधुमेह होने पर फाइबर युक्त भोजन का इस्तेमाल ज्यादा करना चाहिए जैसे छिलके सहित बनी हुई रोटियां । जाई ओट्स का अधिक इस्तेमाल करें

आटा बनाने के लिए 2 किलो गेहूं 2 किलो ओट्स और 1 किलो चना मिलाकर पीस वाले उसे रोटियां बनाएं।

सब्जियों में करेला मेथी सहजन पलक तुरई शलजम बैंगन टिंडा चोली परवल लौकी मूली ब्रोकली फूलगोभी सोयाबीन की बड़ी बंद गोभी टमाटर काला चना बीस हरे पत्तेदार सब्जियां शिमला मिर्च आहार में शामिल करें और इससे बने सूप पिए।

कमजोरी दूर करने के लिए कच्चा नारियल अखरोट मूंगफली के दाने काजू इसबगोल सोयाबीन दही और छाछ का सेवन करें

25 ग्राम अलसी को पीसकर आटे में गूंथकर रोटी बनाएं अलसी रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करती है

ग्रीन टी का सेवन डायबिटीज के रोगियों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है यह एंटीऑक्सीडेंट युक्त होती है यह बहुत फायदा करती है।

सफेद कद्दू या पेठा के चमत्कारिक औषधि गुण।White pumpkin

पेठा पोषण के साथ भरपूर है। इसमें विटामिन बी 1 और बी 3 और विटामिन सी शामिल हैं। इसमें कैल्शियमसोडियम, जस्ता, लोहा, फास्फोरस, मैंगनीज, तांबा, मैग्नीशियम, सेलेनियम और पोटेशियम जैसे विभिन्न खनिज भी शामिल होते हैं। पोटेशियम में इसकी उच्च सामग्री के कारण, यह रक्तचाप के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है। इसमें लगभग 96% पानी होता है। इसलिए जो लोग वजन कम करना चाहते हैं उनको इसका सेवन करना चाहिए।

वानस्पतिक नाम : Benincasa hispida (Thunb.) Cogn. (बेनिनकेसा हिस्पिडा)Syn-Benincasa cerifera Savi

कुल : Cucurbitaceae (कुकुरबिटेसी)

अंग्रेज़ी नाम : White gourd melon (ह्वाइट गुऍर्ड मेलन)); मलयालम-कुम्पलम (Kumpalam)।

परिचय

आयुर्वेदीय संहिता ग्रन्थों के फलवर्ग में कूष्माण्ड का उल्लेख मिलता है। कूष्माण्ड के फलों से पेठा बनाया जाता है। समस्त भारत में इसकी खेती

आयुर्वेदीय गुण-कर्म एवं प्रभाव

कूष्माण्ड मधुर, शीत, लघु, गुरु, स्निग्ध, वातपित्तशामक; कफकारक, बृंहण, वृष्य, दीपन, धातुवर्धक, पुष्टिकारक, वस्तिशोधक, हृद्य, मूत्रल, बलकारक, केश्य, अभिष्यंदि तथा विष्टंभकारक होता है। यह मूत्राघात, अश्मरी, प्रमेह, मूत्रकृच्छ्र, तृष्णा, अरोचक, शुक्रविकार तथा रक्तविकार नाशक होता है।

बालकूष्माण्ड शीत, कफकारक तथा पित्तशामक होता है। कूष्माण्ड का शाक मधुर, गुरु, उष्ण, वातशामक, अग्निदीपक, रोचक, सारक, ज्वर, आमदोष, शोफ तथा दाह नाशक होता है। पक्व कूष्माण्ड मधुर, अम्ल, लघु, त्रिदोषशामक, मल-मूत्र को निकालने वाला तथा शुक्ररोग नाशक होता है। कूष्माण्ड तैल मधुर, शीत, गुरु, वातपित्त शामक, कफकारक, अभिष्यन्दि, विबंधहर, अग्निसादक एवं केश्य होता है।

लताओं में फलने वाले सभी फलों में कूष्माण्ड उत्तम माना जाता है।

सफल सफेद कद्दू के फायदे एवं उपयोग

औषधीय प्रयोग, मात्रा एवं विधि

आंखों की जलन कूष्माण्ड के बीजों को पीसकर नेत्र के चारों तरफ बाहर की ओर लगाने से नेत्रों की दाह (जलन) का शमन होता है।

  1. श्वासकास-1 ग्राम कूष्माण्ड मूल चूर्ण को गुनगुने जल के साथ पीने से दुसाध्य कास तथा श्वास में भी शीघ्र लाभ होता है।
  2. कूष्माण्ड आदि द्रव्यों से निर्मित 5-10 ग्राम कूष्माण्डावलेह का सेवन करने से रक्तपित्त, क्षय, ज्वर, शोष, तृष्णा, भम, छर्दि, श्वास, कास तथा उरक्षत में लाभ होता है। यह अवलेह वीर्यवर्धक,

धातुवर्धक तथा बलवर्धक होता है।

  1. 1-2 ग्राम कूष्माण्ड बीज चूर्ण का सेवन करने से शुष्क कास में लाभ होता है।
  2. क्षयरोग (टी.वी.)-कूष्माण्ड के 20-25 मिली ताजे स्वरस  में मिश्री मिलाकर पिलाने से क्षयरोग तथा उन्माद में लाभ होता है।
  3. फूफ्फुस सम्बन्धी रोगों में कूष्माण्ड बहुत उत्तम औषधि है।
  4. खांसी तथा दमा-500 मिग्रा कूष्माण्ड मूल चूर्ण को गर्म जल के साथ सेवन करने से खांसी तथा दमे में लाभ होता है।
  5. मूत्राघात-10-20 मिली कूष्माण्ड स्वरस में 65 मिग्रा यवक्षार एवं गुड़ मिलाकर सेवन करने से मूत्रविबन्ध, शर्करा एवं अश्मरी में लाभ होता है।
  6. 10-20 मिली कूष्माण्ड स्वरस में 65 मिग्रा हींग, 65 मिग्रा यवक्षार तथा शर्करा मिलाकर पीने से वस्तिशूल, मेढ्र गत शूल तथा मूत्रकृच्छ्र में लाभ होता है।
  7. कूष्माण्ड के पुष्प तथा फल स्वरस (10-20 मिली) में शर्करा मिलाकर प्रात पीने से मूत्राघात में लाभ होता है।
  8. मूत्र-विकार/ मूत्र की रुकावट-पेठे तथा ककड़ी के बीजों को पीसकर नाभी के नीचे लेप करने से मूत्रकृच्छ्र तथा मूत्राघात आदि मूत्र-विकारों में लाभ होता है।
  9. विसूचिका-कूष्माण्ड की 5-20 ग्राम फलमज्जा को पीसकर उसमें मिश्री मिलाकर खाने से विसूचिका में लाभ होता है।
  10. आंत्रकृमि-1 ग्राम कूष्माण्ड बीज चूर्ण का सेवन करने से आंतों के कीडे नष्ट हो जाते हैं।
  11. रक्तार्श-पेठे का शर्बत बनाकर उसमें मरिच चूर्ण मिलाकर पिलाने से रक्तार्श (खूनी बवासीर) में लाभ होता है।
  12. उपदंश-कूष्माण्ड बीज तैल का उपयोग उपदंश की चिकित्सा में किया जाता है।
  13. उन्माद-25 मिली कूष्माण्ड स्वरस में 6 ग्राम मधु तथा 1 ग्राम कूठ का चूर्ण मिलाकर पीने से सभी प्रकार के उन्माद में लाभ होता है।
  14. अपस्मार-20 मिली कूष्माण्ड फल स्वरस में 1 ग्राम मुलेठी चूर्ण मिलाकर तीन दिन तक पीने से अपस्मार रोग में लाभ होने लगता है।
  15. 13-14 ली कूष्माण्ड स्वरस में 200 ग्राम मुलेठी कल्क मिलाकर 750 ग्राम गाय के घी का विधिवत् पाककर सुरक्षित रख लें। 5 ग्राम घृत का प्रात सेवन करने से अपस्मार में लाभ होता है।
  16. ग्रहदोष-पुष्य नक्षत्र में कूष्माण्ड फल स्वरस से दारुहल्दी को घिस कर नेत्रों में अंजन करने से ग्रहादिजन्य विकारों का शमन होता है।
  17. मदात्यय-20 मिली कूष्माण्ड फल स्वरस में समभाग मिश्री तथा महुवा पुष्प; 500-500 मिग्रा, दालचीनी, तेजपात, मरिच एवं पिप्पली चूर्ण तथा 250-250 मिग्रा छोटी इलायची, नागकेशर एवं जीरा मिलाकर पीने से मदात्यय में लाभ होता है।
  18. 25 मिली कूष्माण्ड स्वरस में 6 ग्राम गुड़ मिलाकर पीने से दूषित कोद्रव के सेवन से उत्पन्न होने वाले मदात्यय में लाभ होता है।
  19. राजयक्ष्मा-5 ग्राम लाक्षा चूर्ण को 20 मिली कूष्माण्ड फल स्वरस में पीसकर सेवन करने से राजयक्ष्मा रोग में लाभ होता है।
  20. रक्तस्राव-10-15 मिली कूष्माण्ड फल स्वरस का सेवन करने से रक्तनिष्ठीवन तथा आन्तरिक रक्तस्राव में लाभ होता है।
  21. रक्त के शोधन हेतु-कूष्माण्ड (पेठा) का शर्बत बनाकर पीने से रक्त का शोधन होता है।
  22. रक्त वमन-15-25 मिली कूष्माण्ड फल स्वरस में मिश्री मिलाकर पीने से रक्त वमन तथा दाह का शमन होता है।
  23. दुर्बलता-पेठे का मुरब्बा बनाकर खिलाने से क्षय रोग के कारण उत्पन्न दुर्बलता या सामान्य दौर्बल्य का शमन होता है तथा शरीर पुष्ट

होता है।

  1. पारद विषाक्तता-पारे के सेवन से उत्पन्न होने वाले विकारों को शांत करने के लिए इसके स्वरस का शरीर पर मर्दन करना चाहिए तथा रस को पिलाना चाहिए।

किडनी की पथरी। बिना किसी दवा के निकालो।।

बिना ऑपरेशन घर बैठे निकालो

बिना ऑपरेशन के 10 से 12 एमएम की किडनी स्टोन को निकाला जा सकता है।  एक्सपर्ट की सलाह।।

दोस्तों आजकल की आधुनिक शैली में हमारे खानपान के कारण किडनी स्टोन की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं की किडनी स्टोन को बिना ऑपरेशन खत्म किया जा सकता है।

आमतौर पर कम पानी पीने से शरीर में गुर्दे की पथरी बन जाती है। यह पथरी मटर के दाने के आकार के हो सकते हैं या उससे बड़े भी हो सकते हैं। कुछ आयुर्वेदिक उपचार करके आप इसे बिना ऑपरेशन के निकल सकते हैं।

किडनी शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह कमर के पास दोनों तरफ दो किडनी के रूप में स्थित होती है। किडनी के दो मुख्य कार्य हैं एक तो शरीर से सभी विषाक्त पदार्थों को बाहर निकलना और दूसरा शरीर में पानी और खनिजों का स्टार बनाए रखना। किडनी शरीर से मूत्र मार्ग के द्वारा विषय पदार्थों को बाहर निकलती है। इसलिए क्योंकि यह फिल्टर का काम करती है मानव जीवन में इसका शरीर के लिए बहुत जरूरी है कि यह स्वस्थ रहे। हम जो कुछ खाते पीते हैं उसे ऊर्जा में परिवर्तित  करने के बाद जो अपशिष्ट बचते हैं उनका शरीर से बाहर निकलना बहुत जरूरी होता है। जैसे की गाड़ी में पेट्रोल जलने के बाद धुआं निकलता है वही कार्य किडनी करती ह अगर हमारी किडनी सही ढंग से कार्य नहीं करती है तो विषाक्त पदार्थ शरीर में एकत्रित होते रहते हैं यह शरीर के लिए बहुत हानिकारक है।

गुर्दे की पथरी के लक्षण

गुर्दे की पथरी होने पर कमर के आसपास तेज दर्द होता है यह दर्द कभी आगे पेट की तरफ कभी पीछे पीठ की तरफ ऊपर नीचे अलग-अलग जगह पर महसूस होता है इसके साथ ही कुछ और लक्षण हैं जो शरीर में महसूस होते हैं।

मूत्र त्याग के समय दर्द

कभी-कभी मूत्र में खून का आना

जी मिचलाना

उल्टी आना

दुर्गंध युक्त पेशाब

बार-बार पेशाब जाने की इच्छा होना

बुखार और पसीना निकलना

पथरी से बचने के उपाय

गुर्दे में पथरी ना हो इसके लिए आहार और जीवन शैली में बदलाव लाने हैं

अधिक मात्रा में प्रोटीन ना लें

कैल्शियम ऑक्सलेट युक्त पदार्थ का सेवन न करें जैसे की मूंगफली पलक चुकंदर चॉकलेट जिमीकंद

सोडियम युक्त आहार न जंग फूड डिब्बा बंद खाना और नमक के बहुत अधिक सेवन से बचें।

टमाटर के बीज बैंगन के बीच कच्चा चावल उड़द की दाल का अधिक सेवन न करें और सबसे बड़ी बात अधिक से अधिक पानी पिए कोल्ड ड्रिंक का सेवन न करें

मांसाहार कतई न करें

क्या कहता है हमारा आयुर्वेद

मूत्रवर्धक चीजों की सेवन से 10 से 12 एमएम की पथरी को निकाला जा सकता है।

पत्थरचट्टा

पत्थरचट्टा आदि कई नाम से इसे जाना जाता है यह किडनी स्टोन के लिए या शरीर के किसी भी प्रकार के पथरी के लिए रामबाण औषधि है हमारे आयुर्वेद में पथर चटा इसका नाम इसलिए रखा गया है क्योंकि यह पत्थर को चट जाता है। पत्थरचट्टा के तीन-चार पत्ते का रस निकालने या सीधे पत्तों को खा लें इससे बड़ी से बड़ी पथरी निकल जाती है।

सौंफ मिश्री सूखा धनिया इसको 50-50 ग्राम मात्रा में लेकर रात को आधा कप पानी में मिलकर पीने से फायदा होता है।

तुलसी का पौधा

तुलसी के पत्ते का सेवन 8 10 पत्ते प्रतिदिन खाने से अधिकांश फायदा होता है।

चावलाई की सब्जी खाने से गुर्दे की पथरी निकल जाती है यह एक रामबाण इलाज है दो-तीन बेलपत्र प्रतिदिन खाने से दो सप्ताह में पथरी निकल जाती है

विटामिन बी कंपलेक्स की दवा का सेवन करें यह तमाम रूप में बाजार में उपलब्ध है यह बहुत फायदा करती है

एक चम्मच इलायची खरबूजे के बीज की गिरी और दो चम्मच मिश्री एक कप पानी में डालकर उबालकर ठंडा होने के बाद सुबह शाम पिए यह दवा की तरह काम करती है

चार चम्मच नींबू का रस बराबर मात्रा में ओलिव ऑयल मिले इसे जरूर के हिसाब से पानी में मिले इसको दिन में दो-तीन बार सेवन करें

सेब के सिरके यह किडनी स्टोन को घोलने में मदद करता है एक कप गुनगुने पानी में दो चम्मच सिरका डालें एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में तीन-चार बार पिए

अनार का जूस प्रतिदिन पिए अनार के जूस में पोटेशियम और मिनरल्स क्रिस्टल को बनने से रोकते हैं अपने चरिया गुण के कारण यह मूत्र मार्ग में एसिड को बने नहीं देता जिससे पथरी नहीं बनती है

तरबूज के बीज में पोटेशियम होता है यह किडनी को मजबूत करता है इसको खाने से और पानी ज्यादा पीने से फायदा होता है।

राजमा को उबालने इसके पानी को दिन में तीन-चार बार पिए।

दो प्याज को पानी में उबलने उसके बाद ठंडा होने पर प्याज को पीस लें छान कर रस निकालने एक-दो दिन तक पिए

कॉर्न यानी कि मकई का सेवन करने से किडनी स्टोन निकल जाता है

व्हीटग्रास को पानी में उबालकर ठंडा कर लें इसे नियमित रूप से सेवन करें यह गुर्दे से जुड़ी सारी बीमारियों में आराम देता है

खजूर को रात भर पानी में भिगो दें सुबह उठकर खाने से फायदा होता है

खीरा खाने से भी फायदा होता है

इसके साथ सबसे जरूरी है पानी का अधिक से अधिक सेवन करें यह सबसे जरूरी है भले आप किसी प्रकार की कोई दवा ना करें लेकिन दिन में अधिक से अधिक पानी पानी पिए।

बरबेरिस बुल्गारिया(Berberis Vulgaris)होम्योपैथिक दवा का इस्तेमाल सभी डॉक्टर करते हैं। यह बहुत पावरफुल दवा है दिन में तीन बार 10-10 बंदे आधा कब घूमने पानी के साथ लेने से 15 से 16 म तक की पथरी कुछ ही दिनों में निकल जाती है। यह हंड्रेड परसेंट परिणाम दिखाई है।

शराब के फायदे और नुकसान

नमस्कार दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं शराब के फायदे और नुकसान के बारे में। जैसा कि आजकल आप देख रहे होंगे की समाज में लोगों में शराब के प्रति आकर्षण बढ़ा है अब पुरुषों के अलावा महिलाएं भी पार्टी में ड्रिंक करती दिख जाएगी यह हमारा आधुनिक समाज का फैशन हो गया।

लेकिन दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं कि हम जो भी करते हैं उसका हमारे जीवन पर प्रभाव पड़ता है। शराब हमारे जीवन को दो तरह से प्रभावित करती है पहले तो हमारी सामाजिक प्रतिष्ठा को नष्ट कर देती है और उसके बाद हमारे शरीर को लिवर को मस्तिष्क को धीरे-धीरे बीमार करने लगती है। शराब पीने से हमारे मस्तिष्क को आराम मिलता है लेकिन वही आराम धीरे-धीरे आदमी को शराबी बना देती है। शराब पीने से हमारा नर्वस सिस्टम बेकार होने लगता है व्यक्ति की याददाश्त कम होने लगती है।

और मनुष्य किसी काम का नहीं रहता उसका व्यापार परिवार समाज सब नष्ट हो जाता है।

आप हम शराब के फायदे के बारे में बात करेंगे लेकिन यह फायदे उन लोगों के लिए है जिन्हें अपने ऊपर सेल्फ कंट्रोल है जो सिर्फ 80 एमएल शराब पीने के बाद खाना खा लेते हैं और सो जाते उनके लिए शराब अच्छी।

धन्यवाद दोस्तों हमारा ब्लॉक पढ़ने के लिए मैं आगे भी आपके लिए अच्छी-अच्छी जानकारियां लाता रहूंगा नमस्कार।

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