टूटी हुई पसलियों (rib fracture) का उपचार और देखभाल बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह चोट असहनीय दर्द और जटिलताओं को जन्म दे सकती है। इसका सही तरीके से इलाज न करने पर फेफड़ों को नुकसान हो सकता है या निमोनिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

टूटी हुई पसलियों के लक्षण: टूटी हुई पसलियों का उपचार और सावधानियां: 1. डॉक्टर की सलाह और मेडिकल उपचार 2. आयुर्वेदिक उपचार (क) आयुर्वेदिक दवाएं: (ख) आयुर्वेदिक तेल मालिश: 3. अंग्रेजी (एलोपैथिक) दवाएं 4. घरेलू उपचार 5. देखभाल और परहेज 6. एक्सरसाइज और फिजियोथेरेपी निष्कर्ष: टूटी हुई पसलियों को जोड़ने के लिए पर्याप्त आराम, सहीContinue reading “टूटी हुई पसलियों (rib fracture) का उपचार और देखभाल बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह चोट असहनीय दर्द और जटिलताओं को जन्म दे सकती है। इसका सही तरीके से इलाज न करने पर फेफड़ों को नुकसान हो सकता है या निमोनिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं।”

मोरिंगा (सहजन) के फायदे और नुकसान

मोरिंगा जिसे सहजन या ड्रमस्टिक भी कहा जाता है, एक पोषक तत्वों से भरपूर पौधा है। इसकी पत्तियाँ, फूल, बीज, छाल और जड़ें विभिन्न औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं। इसे “चमत्कारी वृक्ष” भी कहा जाता है। आयुर्वेद में इसे 300 से अधिक बीमारियों के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। मोरिंगा के फायदेContinue reading “मोरिंगा (सहजन) के फायदे और नुकसान”

9 Benefits of curry leaf🌿🌿🙏👍🤷💯

Curry leaves, widely used in South Asian cuisine, are not only flavorful but also packed with health benefits. Here are some of their key advantages: 1. Rich in Nutrients Curry leaves are a good source of vitamins A, B, C, and E, iron, calcium, and antioxidants. 2. Improves Digestion They stimulate digestive enzymes, reduce constipation,Continue reading “9 Benefits of curry leaf🌿🌿🙏👍🤷💯”

 गांजा (कैनबिस) या भांग: औषधीय महत्व और इतिहास/Cannabis

गांजा, जिसे वैज्ञानिक रूप से कैनबिस (Cannabis) कहा जाता है, एक प्राचीन औषधीय पौधा है, जिसका उपयोग हजारों वर्षों से विभिन्न संस्कृतियों में औषधीय, धार्मिक, और मनोरंजक उद्देश्यों के लिए किया जाता रहा है। भारत में इसे भांग, गांजा, चरस जैसे विभिन्न नामों से जाना जाता है। यह पौधा अपने सक्रिय रसायनों जैसे टीएचसी (THC)Continue reading ” गांजा (कैनबिस) या भांग: औषधीय महत्व और इतिहास/Cannabis”

सर्दी-खांसी से तुरंत आराम पाने के लिए ऐसे करें लौंग के तेल का इस्तेमाल💯🤷

लौंग का तेल सर्दी-खांसी में बेहद प्रभावी घरेलू उपाय माना जाता है। इसके एंटीसेप्टिक, एंटीइंफ्लेमेटरी और बलगम को पतला करने वाले गुण सर्दी और खांसी में राहत पहुंचाते हैं। इसके उपयोग के तरीके और फायदे विस्तार से नीचे दिए गए हैं: — 1. भाप लेने के लिए उपयोग लाभ: नाक बंद होने, गले की खराश,Continue reading “सर्दी-खांसी से तुरंत आराम पाने के लिए ऐसे करें लौंग के तेल का इस्तेमाल💯🤷”

शतावरी (Asparagus racemosus)

शतावरी (Asparagus racemosus) एक आयुर्वेदिक औषधि है, जिसे मुख्यतः महिलाओं और पुरुषों दोनों के स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाने के लिए उपयोग किया जाता है। इसे “स्त्रियों की आयुर्वेदिक मित्र” भी कहा जाता है। यह एक झाड़ीदार पौधा है, जो भारत और दक्षिण एशिया के अन्य भागों में पाया जाता है। इसके मूल (जड़) और पत्तियोंContinue reading “शतावरी (Asparagus racemosus)”

स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए पोषण और सप्लीमेंट्स का सही चयन बहुत महत्वपूर्ण है।

स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए पोषण और सप्लीमेंट्स का सही चयन बहुत महत्वपूर्ण है। हालांकि, सही सप्लीमेंट्स का चयन आपकी उम्र, जीवनशैली, और स्वास्थ्य जरूरतों पर निर्भर करता है। यहाँ कुछ बेहतरीन स्वास्थ्य सप्लीमेंट्स और पोषण विकल्प दिए गए हैं, जिन्हें आप अपने आहार में शामिल कर सकते हैं: 1. मल्टीविटामिन्स (Multivitamins): मल्टीविटामिन्सContinue reading “स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए पोषण और सप्लीमेंट्स का सही चयन बहुत महत्वपूर्ण है।”

दिल्ली NCR में बढ़ता वायु प्रदूषण: कारण, प्रभाव और बचाव के उपाय

दिल्ली में वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन गई है, जो स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों पर बुरा प्रभाव डाल रही है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर के मुख्य कारण, इसके प्रभाव और इससे बचाव के उपाय निम्नलिखित हैं: प्रदूषण के मुख्य कारण 1. वाहनों का धुआं: सड़कों पर चलने वाले वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रदूषणContinue reading “दिल्ली NCR में बढ़ता वायु प्रदूषण: कारण, प्रभाव और बचाव के उपाय”

सिंघाड़े के औषधीय महत्व और फायदे (आयुर्वेदिक महत्व)

सिंघाड़ा, जिसे पानी फल या वॉटर चेस्टनट के नाम से भी जाना जाता है, एक पौष्टिक और औषधीय गुणों से भरपूर फल है। आयुर्वेद में इसका विशेष स्थान है और इसे शरीर को स्वस्थ और रोगमुक्त रखने के लिए उपयोग किया जाता है। सिंघाड़े के औषधीय महत्व: 1. पाचन सुधारक:सिंघाड़ा फाइबर से भरपूर होता है,Continue reading “सिंघाड़े के औषधीय महत्व और फायदे (आयुर्वेदिक महत्व)”

Design a site like this with WordPress.com
Get started