सफेद कद्दू या पेठा के चमत्कारिक औषधि गुण।White pumpkin

पेठा पोषण के साथ भरपूर है। इसमें विटामिन बी 1 और बी 3 और विटामिन सी शामिल हैं। इसमें कैल्शियमसोडियम, जस्ता, लोहा, फास्फोरस, मैंगनीज, तांबा, मैग्नीशियम, सेलेनियम और पोटेशियम जैसे विभिन्न खनिज भी शामिल होते हैं। पोटेशियम में इसकी उच्च सामग्री के कारण, यह रक्तचाप के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है। इसमें लगभग 96% पानी होता है। इसलिए जो लोग वजन कम करना चाहते हैं उनको इसका सेवन करना चाहिए।

वानस्पतिक नाम : Benincasa hispida (Thunb.) Cogn. (बेनिनकेसा हिस्पिडा)Syn-Benincasa cerifera Savi

कुल : Cucurbitaceae (कुकुरबिटेसी)

अंग्रेज़ी नाम : White gourd melon (ह्वाइट गुऍर्ड मेलन)); मलयालम-कुम्पलम (Kumpalam)।

परिचय

आयुर्वेदीय संहिता ग्रन्थों के फलवर्ग में कूष्माण्ड का उल्लेख मिलता है। कूष्माण्ड के फलों से पेठा बनाया जाता है। समस्त भारत में इसकी खेती

आयुर्वेदीय गुण-कर्म एवं प्रभाव

कूष्माण्ड मधुर, शीत, लघु, गुरु, स्निग्ध, वातपित्तशामक; कफकारक, बृंहण, वृष्य, दीपन, धातुवर्धक, पुष्टिकारक, वस्तिशोधक, हृद्य, मूत्रल, बलकारक, केश्य, अभिष्यंदि तथा विष्टंभकारक होता है। यह मूत्राघात, अश्मरी, प्रमेह, मूत्रकृच्छ्र, तृष्णा, अरोचक, शुक्रविकार तथा रक्तविकार नाशक होता है।

बालकूष्माण्ड शीत, कफकारक तथा पित्तशामक होता है। कूष्माण्ड का शाक मधुर, गुरु, उष्ण, वातशामक, अग्निदीपक, रोचक, सारक, ज्वर, आमदोष, शोफ तथा दाह नाशक होता है। पक्व कूष्माण्ड मधुर, अम्ल, लघु, त्रिदोषशामक, मल-मूत्र को निकालने वाला तथा शुक्ररोग नाशक होता है। कूष्माण्ड तैल मधुर, शीत, गुरु, वातपित्त शामक, कफकारक, अभिष्यन्दि, विबंधहर, अग्निसादक एवं केश्य होता है।

लताओं में फलने वाले सभी फलों में कूष्माण्ड उत्तम माना जाता है।

सफल सफेद कद्दू के फायदे एवं उपयोग

औषधीय प्रयोग, मात्रा एवं विधि

आंखों की जलन कूष्माण्ड के बीजों को पीसकर नेत्र के चारों तरफ बाहर की ओर लगाने से नेत्रों की दाह (जलन) का शमन होता है।

  1. श्वासकास-1 ग्राम कूष्माण्ड मूल चूर्ण को गुनगुने जल के साथ पीने से दुसाध्य कास तथा श्वास में भी शीघ्र लाभ होता है।
  2. कूष्माण्ड आदि द्रव्यों से निर्मित 5-10 ग्राम कूष्माण्डावलेह का सेवन करने से रक्तपित्त, क्षय, ज्वर, शोष, तृष्णा, भम, छर्दि, श्वास, कास तथा उरक्षत में लाभ होता है। यह अवलेह वीर्यवर्धक,

धातुवर्धक तथा बलवर्धक होता है।

  1. 1-2 ग्राम कूष्माण्ड बीज चूर्ण का सेवन करने से शुष्क कास में लाभ होता है।
  2. क्षयरोग (टी.वी.)-कूष्माण्ड के 20-25 मिली ताजे स्वरस  में मिश्री मिलाकर पिलाने से क्षयरोग तथा उन्माद में लाभ होता है।
  3. फूफ्फुस सम्बन्धी रोगों में कूष्माण्ड बहुत उत्तम औषधि है।
  4. खांसी तथा दमा-500 मिग्रा कूष्माण्ड मूल चूर्ण को गर्म जल के साथ सेवन करने से खांसी तथा दमे में लाभ होता है।
  5. मूत्राघात-10-20 मिली कूष्माण्ड स्वरस में 65 मिग्रा यवक्षार एवं गुड़ मिलाकर सेवन करने से मूत्रविबन्ध, शर्करा एवं अश्मरी में लाभ होता है।
  6. 10-20 मिली कूष्माण्ड स्वरस में 65 मिग्रा हींग, 65 मिग्रा यवक्षार तथा शर्करा मिलाकर पीने से वस्तिशूल, मेढ्र गत शूल तथा मूत्रकृच्छ्र में लाभ होता है।
  7. कूष्माण्ड के पुष्प तथा फल स्वरस (10-20 मिली) में शर्करा मिलाकर प्रात पीने से मूत्राघात में लाभ होता है।
  8. मूत्र-विकार/ मूत्र की रुकावट-पेठे तथा ककड़ी के बीजों को पीसकर नाभी के नीचे लेप करने से मूत्रकृच्छ्र तथा मूत्राघात आदि मूत्र-विकारों में लाभ होता है।
  9. विसूचिका-कूष्माण्ड की 5-20 ग्राम फलमज्जा को पीसकर उसमें मिश्री मिलाकर खाने से विसूचिका में लाभ होता है।
  10. आंत्रकृमि-1 ग्राम कूष्माण्ड बीज चूर्ण का सेवन करने से आंतों के कीडे नष्ट हो जाते हैं।
  11. रक्तार्श-पेठे का शर्बत बनाकर उसमें मरिच चूर्ण मिलाकर पिलाने से रक्तार्श (खूनी बवासीर) में लाभ होता है।
  12. उपदंश-कूष्माण्ड बीज तैल का उपयोग उपदंश की चिकित्सा में किया जाता है।
  13. उन्माद-25 मिली कूष्माण्ड स्वरस में 6 ग्राम मधु तथा 1 ग्राम कूठ का चूर्ण मिलाकर पीने से सभी प्रकार के उन्माद में लाभ होता है।
  14. अपस्मार-20 मिली कूष्माण्ड फल स्वरस में 1 ग्राम मुलेठी चूर्ण मिलाकर तीन दिन तक पीने से अपस्मार रोग में लाभ होने लगता है।
  15. 13-14 ली कूष्माण्ड स्वरस में 200 ग्राम मुलेठी कल्क मिलाकर 750 ग्राम गाय के घी का विधिवत् पाककर सुरक्षित रख लें। 5 ग्राम घृत का प्रात सेवन करने से अपस्मार में लाभ होता है।
  16. ग्रहदोष-पुष्य नक्षत्र में कूष्माण्ड फल स्वरस से दारुहल्दी को घिस कर नेत्रों में अंजन करने से ग्रहादिजन्य विकारों का शमन होता है।
  17. मदात्यय-20 मिली कूष्माण्ड फल स्वरस में समभाग मिश्री तथा महुवा पुष्प; 500-500 मिग्रा, दालचीनी, तेजपात, मरिच एवं पिप्पली चूर्ण तथा 250-250 मिग्रा छोटी इलायची, नागकेशर एवं जीरा मिलाकर पीने से मदात्यय में लाभ होता है।
  18. 25 मिली कूष्माण्ड स्वरस में 6 ग्राम गुड़ मिलाकर पीने से दूषित कोद्रव के सेवन से उत्पन्न होने वाले मदात्यय में लाभ होता है।
  19. राजयक्ष्मा-5 ग्राम लाक्षा चूर्ण को 20 मिली कूष्माण्ड फल स्वरस में पीसकर सेवन करने से राजयक्ष्मा रोग में लाभ होता है।
  20. रक्तस्राव-10-15 मिली कूष्माण्ड फल स्वरस का सेवन करने से रक्तनिष्ठीवन तथा आन्तरिक रक्तस्राव में लाभ होता है।
  21. रक्त के शोधन हेतु-कूष्माण्ड (पेठा) का शर्बत बनाकर पीने से रक्त का शोधन होता है।
  22. रक्त वमन-15-25 मिली कूष्माण्ड फल स्वरस में मिश्री मिलाकर पीने से रक्त वमन तथा दाह का शमन होता है।
  23. दुर्बलता-पेठे का मुरब्बा बनाकर खिलाने से क्षय रोग के कारण उत्पन्न दुर्बलता या सामान्य दौर्बल्य का शमन होता है तथा शरीर पुष्ट

होता है।

  1. पारद विषाक्तता-पारे के सेवन से उत्पन्न होने वाले विकारों को शांत करने के लिए इसके स्वरस का शरीर पर मर्दन करना चाहिए तथा रस को पिलाना चाहिए।

किडनी की पथरी। बिना किसी दवा के निकालो।।

बिना ऑपरेशन घर बैठे निकालो

बिना ऑपरेशन के 10 से 12 एमएम की किडनी स्टोन को निकाला जा सकता है।  एक्सपर्ट की सलाह।।

दोस्तों आजकल की आधुनिक शैली में हमारे खानपान के कारण किडनी स्टोन की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं की किडनी स्टोन को बिना ऑपरेशन खत्म किया जा सकता है।

आमतौर पर कम पानी पीने से शरीर में गुर्दे की पथरी बन जाती है। यह पथरी मटर के दाने के आकार के हो सकते हैं या उससे बड़े भी हो सकते हैं। कुछ आयुर्वेदिक उपचार करके आप इसे बिना ऑपरेशन के निकल सकते हैं।

किडनी शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह कमर के पास दोनों तरफ दो किडनी के रूप में स्थित होती है। किडनी के दो मुख्य कार्य हैं एक तो शरीर से सभी विषाक्त पदार्थों को बाहर निकलना और दूसरा शरीर में पानी और खनिजों का स्टार बनाए रखना। किडनी शरीर से मूत्र मार्ग के द्वारा विषय पदार्थों को बाहर निकलती है। इसलिए क्योंकि यह फिल्टर का काम करती है मानव जीवन में इसका शरीर के लिए बहुत जरूरी है कि यह स्वस्थ रहे। हम जो कुछ खाते पीते हैं उसे ऊर्जा में परिवर्तित  करने के बाद जो अपशिष्ट बचते हैं उनका शरीर से बाहर निकलना बहुत जरूरी होता है। जैसे की गाड़ी में पेट्रोल जलने के बाद धुआं निकलता है वही कार्य किडनी करती ह अगर हमारी किडनी सही ढंग से कार्य नहीं करती है तो विषाक्त पदार्थ शरीर में एकत्रित होते रहते हैं यह शरीर के लिए बहुत हानिकारक है।

गुर्दे की पथरी के लक्षण

गुर्दे की पथरी होने पर कमर के आसपास तेज दर्द होता है यह दर्द कभी आगे पेट की तरफ कभी पीछे पीठ की तरफ ऊपर नीचे अलग-अलग जगह पर महसूस होता है इसके साथ ही कुछ और लक्षण हैं जो शरीर में महसूस होते हैं।

मूत्र त्याग के समय दर्द

कभी-कभी मूत्र में खून का आना

जी मिचलाना

उल्टी आना

दुर्गंध युक्त पेशाब

बार-बार पेशाब जाने की इच्छा होना

बुखार और पसीना निकलना

पथरी से बचने के उपाय

गुर्दे में पथरी ना हो इसके लिए आहार और जीवन शैली में बदलाव लाने हैं

अधिक मात्रा में प्रोटीन ना लें

कैल्शियम ऑक्सलेट युक्त पदार्थ का सेवन न करें जैसे की मूंगफली पलक चुकंदर चॉकलेट जिमीकंद

सोडियम युक्त आहार न जंग फूड डिब्बा बंद खाना और नमक के बहुत अधिक सेवन से बचें।

टमाटर के बीज बैंगन के बीच कच्चा चावल उड़द की दाल का अधिक सेवन न करें और सबसे बड़ी बात अधिक से अधिक पानी पिए कोल्ड ड्रिंक का सेवन न करें

मांसाहार कतई न करें

क्या कहता है हमारा आयुर्वेद

मूत्रवर्धक चीजों की सेवन से 10 से 12 एमएम की पथरी को निकाला जा सकता है।

पत्थरचट्टा

पत्थरचट्टा आदि कई नाम से इसे जाना जाता है यह किडनी स्टोन के लिए या शरीर के किसी भी प्रकार के पथरी के लिए रामबाण औषधि है हमारे आयुर्वेद में पथर चटा इसका नाम इसलिए रखा गया है क्योंकि यह पत्थर को चट जाता है। पत्थरचट्टा के तीन-चार पत्ते का रस निकालने या सीधे पत्तों को खा लें इससे बड़ी से बड़ी पथरी निकल जाती है।

सौंफ मिश्री सूखा धनिया इसको 50-50 ग्राम मात्रा में लेकर रात को आधा कप पानी में मिलकर पीने से फायदा होता है।

तुलसी का पौधा

तुलसी के पत्ते का सेवन 8 10 पत्ते प्रतिदिन खाने से अधिकांश फायदा होता है।

चावलाई की सब्जी खाने से गुर्दे की पथरी निकल जाती है यह एक रामबाण इलाज है दो-तीन बेलपत्र प्रतिदिन खाने से दो सप्ताह में पथरी निकल जाती है

विटामिन बी कंपलेक्स की दवा का सेवन करें यह तमाम रूप में बाजार में उपलब्ध है यह बहुत फायदा करती है

एक चम्मच इलायची खरबूजे के बीज की गिरी और दो चम्मच मिश्री एक कप पानी में डालकर उबालकर ठंडा होने के बाद सुबह शाम पिए यह दवा की तरह काम करती है

चार चम्मच नींबू का रस बराबर मात्रा में ओलिव ऑयल मिले इसे जरूर के हिसाब से पानी में मिले इसको दिन में दो-तीन बार सेवन करें

सेब के सिरके यह किडनी स्टोन को घोलने में मदद करता है एक कप गुनगुने पानी में दो चम्मच सिरका डालें एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में तीन-चार बार पिए

अनार का जूस प्रतिदिन पिए अनार के जूस में पोटेशियम और मिनरल्स क्रिस्टल को बनने से रोकते हैं अपने चरिया गुण के कारण यह मूत्र मार्ग में एसिड को बने नहीं देता जिससे पथरी नहीं बनती है

तरबूज के बीज में पोटेशियम होता है यह किडनी को मजबूत करता है इसको खाने से और पानी ज्यादा पीने से फायदा होता है।

राजमा को उबालने इसके पानी को दिन में तीन-चार बार पिए।

दो प्याज को पानी में उबलने उसके बाद ठंडा होने पर प्याज को पीस लें छान कर रस निकालने एक-दो दिन तक पिए

कॉर्न यानी कि मकई का सेवन करने से किडनी स्टोन निकल जाता है

व्हीटग्रास को पानी में उबालकर ठंडा कर लें इसे नियमित रूप से सेवन करें यह गुर्दे से जुड़ी सारी बीमारियों में आराम देता है

खजूर को रात भर पानी में भिगो दें सुबह उठकर खाने से फायदा होता है

खीरा खाने से भी फायदा होता है

इसके साथ सबसे जरूरी है पानी का अधिक से अधिक सेवन करें यह सबसे जरूरी है भले आप किसी प्रकार की कोई दवा ना करें लेकिन दिन में अधिक से अधिक पानी पानी पिए।

बरबेरिस बुल्गारिया(Berberis Vulgaris)होम्योपैथिक दवा का इस्तेमाल सभी डॉक्टर करते हैं। यह बहुत पावरफुल दवा है दिन में तीन बार 10-10 बंदे आधा कब घूमने पानी के साथ लेने से 15 से 16 म तक की पथरी कुछ ही दिनों में निकल जाती है। यह हंड्रेड परसेंट परिणाम दिखाई है।

शराब के फायदे और नुकसान

नमस्कार दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं शराब के फायदे और नुकसान के बारे में। जैसा कि आजकल आप देख रहे होंगे की समाज में लोगों में शराब के प्रति आकर्षण बढ़ा है अब पुरुषों के अलावा महिलाएं भी पार्टी में ड्रिंक करती दिख जाएगी यह हमारा आधुनिक समाज का फैशन हो गया।

लेकिन दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं कि हम जो भी करते हैं उसका हमारे जीवन पर प्रभाव पड़ता है। शराब हमारे जीवन को दो तरह से प्रभावित करती है पहले तो हमारी सामाजिक प्रतिष्ठा को नष्ट कर देती है और उसके बाद हमारे शरीर को लिवर को मस्तिष्क को धीरे-धीरे बीमार करने लगती है। शराब पीने से हमारे मस्तिष्क को आराम मिलता है लेकिन वही आराम धीरे-धीरे आदमी को शराबी बना देती है। शराब पीने से हमारा नर्वस सिस्टम बेकार होने लगता है व्यक्ति की याददाश्त कम होने लगती है।

और मनुष्य किसी काम का नहीं रहता उसका व्यापार परिवार समाज सब नष्ट हो जाता है।

आप हम शराब के फायदे के बारे में बात करेंगे लेकिन यह फायदे उन लोगों के लिए है जिन्हें अपने ऊपर सेल्फ कंट्रोल है जो सिर्फ 80 एमएल शराब पीने के बाद खाना खा लेते हैं और सो जाते उनके लिए शराब अच्छी।

धन्यवाद दोस्तों हमारा ब्लॉक पढ़ने के लिए मैं आगे भी आपके लिए अच्छी-अच्छी जानकारियां लाता रहूंगा नमस्कार।

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