
नमस्कार दोस्तों
मैं आपके लिए एक स्वस्थ शरीर का और समाज का सपना लेकर आया हूं। मैं इस प्लेटफार्म पर कुछ नया नहीं बताने वाला हूं। लेकिन हां मैं आपको अपने ही कुछ पुराने ज्ञान को याद दिलाने की कोशिश करूंगा। मेरा प्रयास रहेगा कि मैं आपको आपकी सारी शारीरिक समस्याओं का निदान बिना एलोपैथ के बता सकूं और आपको समझ सकूं।


दोस्तों क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि आज के काफी साल पहले हमारे पूर्वजों के पास एलोपैथिक नहीं थी और वह उस समय हमसे ज्यादा स्वस्थ और हमसे ज्यादा लंबी जिंदगी जीते थे। उनके पास तमाम सारे टेस्ट करने के संसाधन नहीं थे। लेकिन फिर भी वह लोग हमसे ज्यादा स्वास्थ्य थे। और हमसे ज्यादा लंबी जिंदगी जीते थे।
दोस्तों WHO की एक सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार जब तक आग का आविष्कार नहीं हुआ था। तब तक व्यक्ति ज्यादा लंबे समय तक जीते थे और स्वस्थ रहते थे और वह हम लोगों से ज्यादा लंबे और हष्टपुष्ट हुआ करते थे। क्योंकि वह लोग कच्चा भोजन करते थे। आज हमारा खानपान दिन प्रतिदिन खराब होता जा रहा है। हमारे जीवन शैली दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। हम तीन प्रतिदिन अपनी सभ्यता संस्कृति और अपने विज्ञान को भूलते जा रहे हैं हमारे ऋषि मुनि ऐसे थे कि शास्त्रों में कहा गया है की जो चरक मुनि थे उनसे वनस्पतियां बात करती थी और स्वयं बता देती थी कि मैं किस प्रयोग में आऊंगी और वह लोग यह जानते थे की क्या खाने से हम ठीक हो जाएंगे। आज के समय में हम एलोपैथिक दवा के अलावा कुछ भी नहीं जानते हैं और दुर्भाग्य की आने वाले समय में हमारे बच्चे शायद बिल्कुल ही कुछ न जाने और उनके तमाम जीवन मेडिकल स्टोर में लाइन लगाने में ही खत्म हो जाए। तो दोस्तों अभी वक्त है आपने अक्सर सुना होगा कि हमारी दादी नानी लोग आधे से ज्यादा बीमारियों के इलाज अपनी रसोई घर के मसाले से बता दिया करती थी उन्हें पता था की पेट दर्द हो रहा है तो गैस बनी होगी थोड़ी सी अजवाइन खा लो तो ठीक हो जाएगा, या की खांसी जुकाम हुआ है तो थोड़ा सा अदरक का जूस पी लो ठीक हो जाएगा।

आज के समय में हम और हमारी महिलाएं किसी भी बीमारी में तुरंत डॉक्टर के पास खड़ी हो जाती है और टिकिया खा लेती हैं या इंजेक्शन लगवा लेती हैं। उसके दुष्प्रभाव से वह अनजान है जो उन्हें आने वाले 10 साल बाद दिखाई देता है।
तो दोस्तों हम इस प्लेटफार्म पर कोशिश करेंगे की जीवन से जुड़ी तमाम समस्याओं का प्राकृतिक और आयुर्वेदिक ढंग से समाधान बता सके।।